मंगलवार, 23 दिसंबर 2014

जम्मू कश्मीर का विधानसभा चुनाव- नरेन्द्र मोदी और अमित शाह का मास्टर स्ट्रोक

#electionresult
जम्मू कश्मीर का विधानसभा चुनाव- नरेन्द्र मोदी और अमित शाह का मास्टर स्ट्रोक
मित्रों जम्मू और कश्मीर के चुनाव ने एक झटके में राष्ट्रिय और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर मोदी और अमित शाह की कूटनीति का लोहा मनवा दिया।। जरा ध्यान से देखें तो मोदी और अमित शाह ने एक तीर से कई निशाने किये हैं। इसे सीटों की संख्या से ऊपर उठ कर देखें तो मोदी ने जब कश्मीरी मुसलमानों के लिए खजाना खोला तो भी वो जानते थे की घाटी का एक प्रतिशत मुसलमान भी भाजपा को वोट नहीं देगा मगर अपने तूफानी दौरों से मोदी ने ऐसा माहौल बनाया की घाटी में "काफिर बीजेपी" की एंट्री हो जाएगी।। इसका परिणाम ये हुआ की जितने भी अलगाववादी आज तक चुनावों का बहिष्कार करते थे मोदी के एंट्री के डर के मारे वो वोट देने की अपील करने लगे भले ही उन्होंने मोदी के विरोध में वोटरों को मोटिवेट किया मगर न चाहते हुए भी वोटिंग परसेंटेज,वो पाकिस्तान के पालतू कुत्ते बढ़ा रहे थे जो आज तक हर चुनाव को AK-47 और ग्रेनेड लेकर रोकते थे ।।आज वही लोग अपनी गाड़ियों में भर भर के वोटर को ले जा रहे थे,मोदी के खिलाफ वोट देने के लिए,जो कल तक रास्तों में बारूदी सुरंग बिछा रहे थे।। पाकिस्तान की हालत और बुरी थी अगर वो अपने पालतू कुत्तों से चुनाव का बहिष्कार करवाता तो घाटी में कुछ सीट पर भाजपा बचे खुचे कश्मीरी पंडितों के वोट से जीत जाती और अगर बहिष्कार न करवाता तो कश्मीर में वोटिंग परसेंटेज बढ़ जाता और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर कश्मीर समस्या पर हिन्दुस्थान का पक्ष मजबूत हो जाता.. शायद ये पहला कश्मीर का चुनाव होगा जब पाकिस्तान,ISI,सेना आदि की चर्चा के स्थान पर विकास,बाढ़ स्कूल, हॉस्पिटल जैसे शब्दों पर चर्चा हुई और 6 माह में मोदी सरकार की ये बहुत बड़ी उपलब्धि है।। संयुक्त राष्ट्र संघ के पर्यवेक्षकों ने शायद कश्मीर चुनाव की सबसे स्वच्छ रिपोर्ट जो भारत के पक्ष में बनाई होगी वो इसी चुनाव की है। अब भाजपा के सीटों की बात करे तो जम्मू भाजपा का गढ़ है कुछ एक स्थानों को छोड़कर भाजपा के वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई है और सीटें भी दोगुनी से ज्यादा हो गयी।। जम्मू कश्मीर की राजनीति में जो भाजपा कोई स्थान नहीं रखती थी अब उसके बिना कोई प्रमुख निर्णय लेना मुश्किल होगा किसी भी सरकार को..संभव है देश की अखंडता को मजबूत करने के इस हवन में बीजेपी को जम्मू में अपने 10-12 सीटों की आहुति देनी पड़ी मगर यही वो भावना है जो पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी से पंडित दीन दयाल उपाध्याय ने भाजपा और राष्ट्रवादियों को विरासत में दी है... राष्ट्र धर्म सर्वोपरि.....
शायद बिकी हुई मिडिया के दलाल इस अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व के पहलू को अपने प्राइम टाइम डिबेट का मुद्दा न बनाये परन्तु वोटर अब बेवकूफ नहीं जो दलालों के बहकावे में आये।। तथ्य सामने है की बीजेपी की मोदी के नेतृत्व में विजय हुई है और आज हमारे लिये उत्सव मनाने का मौका है...
नमो नमः
आशुतोष की कलम से
#beinghindu

गुरुवार, 11 दिसंबर 2014

बलूचिस्तान के नरसंहारों का नया इतिहास लिखती पाकिस्तानी सरकार और सेना

#stopbalochgenoside #balochfreedom
ये तस्वीर पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जे में रक्खे गए बलूचिस्तान की है। यहाँ आजादी की मांग कर रहे बलूचों का पाकिस्तानी सरकार और सेना ठीक उसी प्रकार का नरसंहार और बलात्कार कर रही है जिस प्रकार सन 1971 में पूर्वी पाकिस्तान-बांग्लादेश में  पाकिस्तानियों ने किया था।। यहाँ इश्लामिक नियमो के अनुसार स्त्री शिक्षा प्रतिबंधित है।। आजादी के लिए उठने वाली हर आवाज को गोलियों की सहायता से सर्वदा के लिए शांत कर दिया जाता है।। एक ओर जहाँ पाकिस्तान हिन्दुस्थान के अभिन्न हिस्से कश्मीर के लोगो के लिए UN(यू एन) तक मुह फाड़ता रहता है तो दूसरी ओर पाकिस्तान ने अपने कब्जे वाले बलूचिस्तान में जनसंहारों की एक लम्बी श्रृंखला बना रक्खी है। हिन्दुस्थान सरकार को चाहिए की अपने गैर सरकारी स्रोतों की सहायता से बळूचों का ये मुद्दा अंतर्राष्ट्रीय फोरम पर पहले से अधिक तीव्रता के साथ उठाये और एक स्वतंत्र बलूचिस्तान बनाने में वहां के लोगो की सहायता करे। आखिर जब कश्मीर में UNO आब्जर्वर जा सकते हैं तो बलूचिस्तान में क्यों नहीं?? इस मुद्दे में सरकार चाहे तो तिब्बत की निर्वासित सरकार के लिए हिमांचल में धर्मशाला में जिस प्रकार भूमि दी है उसी प्रकार पुलवामा,अनंतनाग,श्रीनगर या असम के किसी क्षेत्र में बलूचिस्तान की एक निर्वासित सरकार बनवाकर उनको कुछ स्थान प्रदान करके बलूच स्वतंत्रता आन्दोलन को आगे बढ़ा सकती है।। आखिर जब पाकिस्तान कश्मीर में आतंकवाद फ़ैलाने के लिए लगातार योजनायें बना सकता है तो भारत सरकार बलूचिस्तान में जनसंहार रोकने के लिए कुछ कदम क्यों नहीं उठा सकती।। स्वतंत्र बलूचिस्तान मानवता और हिन्दुस्थान दोनों के लिए,पाकिस्तान के कब्जे वाले बलूचिस्तान की अपेक्षा कम हानिकारक होगा।।

आशुतोष की कलम से
#beinghindu

Fb:facebook.com/ashutoshkikalam